मैं आया हूँ तुझ से मिलने

तू भी आ अपने हर बंधन तोड़  के

आ इस तरह की मैं खो जाऊँ तुझ में

मैं भी आऊँ  तुझ से मिलने

तेरी याद में इतनी तड़प हो कि

मैं आऊँ सब से आगे तुझ से मिलने

आजा अब क्या काम तेरा मुझ से ज़्यादा

मैं आया तू भी आ

आजा कि अब  समय आया

तेरे और मेरे लिए प्रसाद मिलन लाया

मैं मिलूँ तुझे और पा लूँ

और तू मिल मुझे, पानी की तरह

आजा कि तड़प जाती नहीं

मिलूँ  तुझ से तो करार आ जाये

मिलना तो है एक दिन

तड़प हो इतनी कि वो  दिन आज ही हो जाये

आजा कि मौत भी करे इंतज़ार

पहले मैं आऊँ, वो न आ पाए

मिल मुझ में किसी ख़ाक की तरह

मैं  ही रह  जाऊँ एक याद  की तरह

आजा कि मैं खुद आया

तू भी आ किसी माँ की तरह

आजा कि मैंने बुलाया

तू भी  आ मैं भी आया

मैहर में  मेरी, तू ज़िंदा रहे

मैहर हो जा अब क्या बाकी

तू भी मेहर मैं  भी मेहर

आजा अब और क्या बाकी