तेरे ही दर पर आने की ख़्वाइश है अब

तू ही बता कैसे आऊँ

काम तेरे करूँ और भूल जाऊँ  ख़ुद को

कर दे मेरी ख़ता को माफ़

पर तेरे दर कैसे आऊँ

याद आये पर आ ना पाऊँ

तू ही आ मैं ना आ पाऊँ

आ जा और समा जा मुझ में

ना तू रहे ना मैं रहूँ

तू ही मैं और मुझ में तू

मैं रहूँ तुझ में और तू कर मेरा दीदार

मैं ही आऊँ तुझ से मिलने

आया हूँ हर बार

तू बुला ना बुला

मैं हूँ आस पास