तेरे ही दर पे अब चैन आये

तुझे मिलूं तो करार आये

मिलना तो हो चुका

तुझ में समा के

मोती ढूंढ लाऊं तो बात बन जाये

तू ही बता अब क्या करूं

मोती भी तू

साहिर भी तू

तू ही मैं

मैं ही तू

समा के तुझ में

खुद को भूल जाऊँ

तू मुझे न ढूंढ पाये

में तुझ में खो जाऊँ

पाया मोती भी तो क्या करूँ

तुझे पा के कुछ और न चाहूँ

तू ही बता तू क्या चाहे

हर रास्ते पे तेरी याद आये

तू ही मेरी मंज़िल

तू ही मेरा राहगुज़र

तू ही रास्ता

तू ही साहिल

तू ही मोती

तू ही सागर

तू ही नाविक

तू ही सवार

तू ही मैं

मैं ही तू